मोहब्बत करने वालों का व्यापार कुछ यूं होता है मुनाफा छोड़ देते हैं वो घाटा बांट लेते हैं.!!! (रिज़वान)
महक जाती थीं गलियां जब जनाब हमारे गुज़रते थे कुछ दिन पहले तक हमारी आंखों से कैसे ख्वाब गुज़रते थे.!! (रिज़वान)